यदुवंश
जय श्री कृष्ण
चौपाई
पूजहिं अहीर मिले नहिं धोखा। जो जानहिं सो खावहिं चोखा।।
जो चाहो सुख सोवन रतियां। कहें संत जप माधव बतियां।।
विनय यदु महाराज
जो मनुष्य अहीर (अहि=सर्प, ईर=मारने बाला अर्थ सर्प को मारने बाला, दुष्टों की दुष्टता को हरने बाला... अर्थात भगवान कृष्ण) की पूजा करता है उस मनुष्य को जीवन में कभी धोखा नहीं मिलता। ऐसा जो मनुष्य जानते हैं वो जीवनभर अच्छे पकवानों का पान करते हैं अथवा जीवन में कष्ट नहीं भोगते।
बहुत सुन्दर चौपाई
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